हमारे बारे में (About Us)
परंपरा और नवीनता का समन्वय
श्री दुर्गा आयुर्वेद क्लिनिक की स्थापना का एकमात्र उद्देश्य रोगियों को अत्यंत कष्टदायी गुद रोगों (बवासीर, भगंदर, फिशर) के दर्द से हमेशा के लिए मुक्त करना है। हम सुश्रुत संहिता के प्राचीन सिद्धांतों को आज के युग के हाइजीन और सेफ्टी मानकों के साथ जोड़कर काम करते हैं।
हमारे क्लिनिक पर तैयार की जाने वाली क्षार सूत्र औषधियां पूर्णतः शुद्ध एवं मानकीकृत (Standardized) होती हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक रोगी को न केवल चिकित्सीय समाधान प्राप्त हो, बल्कि उसे अनुकूल व आरामदायक चिकित्सीय अनुभव भी मिले।
15,000+
सफल केसेज का अनुभव100%
सुरक्षित एवं भर्ती-रहित उपचारहम किन मूल्यों पर काम करते हैं
मरीज प्रथम (Patient Care First)
हम रोगी की गोपनीयता, आरामदायक स्थिति और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
उच्च स्वच्छता मानक (Sterilization)
हम संक्रमण रोकने के लिए हमारे ओटी और परीक्षण कक्षों को निरंतर स्टेरलाइज करते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Science & Trust)
हमारी जड़ी-बूटियों एवं क्षारों का निर्माण पूर्णतः प्रामाणिक और वैज्ञानिक मापदंडों के अनुसार किया जाता है।
हमारा विजन (Vision)
गुद रोग प्रोक्टोलॉजी के क्षेत्र में आयुर्वेद और विशेष रूप से क्षार सूत्र चिकित्सा को एलोपैथी सर्जरी के सर्वोत्तम और सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित करना, जिससे समाज में सर्जरी के भय और दर्द को दूर किया जा सके।
हमारा मिशन (Mission)
मरीजों को न्यूनतम असुविधा, न्यूनतम लागत और शून्य पुनरावृत्ति (No Recurrence) के साथ बवासीर, फिशर और भगंदर का स्थायी इलाज प्रदान करना। आयुर्वेद के प्राचीन सुश्रुत दर्शन के ज्ञान का प्रसार हर जरूरतमंद तक करना।
प्रमाणित एवं विश्वसनीय केंद्र
ISO 9001:2015
गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली प्रमाणितAYUSH Standard
आयुष विभाग मानकों के अनुरूप100% Sterile OT
संक्रमण मुक्त माइनर ओटी सर्टिफाइडक्या है क्षार सूत्र चिकित्सा?
यह एक हर्बल, औषधीय धागा है जिसे विभिन्न प्राकृतिक क्षार (Alkalines) और हल्दी से लेप करके बनाया जाता है, जो अस्वस्थ ग्रंथियों को काटता व ठीक करता है।
यह आधुनिक सर्जरी से बेहतर क्यों है?
पारंपरिक ओपन सर्जरी (जैसे कि भगंदर काटने का ऑपरेशन) में गुदा मार्ग की मांसपेशियों को भारी क्षति पहुंच सकती है जिससे भविष्य में मल रोकने की क्षमता प्रभावित हो जाती है, साथ ही रोग की पुनरावृत्ति (Recurrence) दर 25% तक होती है। क्षार सूत्र में इन समस्याओं की संभावना शून्य है।
सफलता दर की तुलना
क्षार सूत्र धागा बदलने और कटिंग की प्रक्रिया
औषधीय कोटिंग निर्माण
धागे को स्नुही क्षीर, अपामार्ग क्षार और हरिद्रा के 21 कोटों से औषधीकृत किया जाता है।
एनेस्थीसिया और शून्यीकरण
गुदा के विशिष्ट स्थान को लोकल एनेस्थीसिया देकर सुन्न किया जाता है ताकि दर्द महसूस न हो।
धागा प्रतिस्थापन (Insertion)
विशेष प्रोब की सहायता से क्षार सूत्र को ट्रैक या मस्से के आधार पर बांधा जाता है।
साप्ताहिक बदलाव (Weekly Change)
प्रत्येक 7 दिनों में पुराने धागे को बिना दर्द के ओपीडी में नए धागे से बदला जाता है।
आपकी स्वस्थ जीवन यात्रा
अपॉइंटमेंट बुकिंग
वेबसाइट या फोन द्वारा तारीख बुक करें।
विशेषज्ञ परामर्श
डॉक्टर से रोग पर खुली चर्चा करें।
सटीक निदान (Diagnosis)
गुदा परीक्षण द्वारा मस्सों/नली की जांच।
क्षार सूत्र प्रक्रिया
15 मिनट में धागा लगाने की ओपीडी विधि।
आयुर्वेदिक उपचार व रोकथाम मार्गदर्शिका
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