बवासीर उपचार (Piles Treatment)
बवासीर (Piles) क्या है?
बवासीर, जिसे आयुर्वेद में अर्श (Arsha) या अंग्रेजी में Hemorrhoids कहा जाता है, गुदा मार्ग (Anal Canal) के अंदर और बाहर की रक्तवाहिनियों (Veins) में सूजन आने से उत्पन्न होता है। इसके कारण गुदा मार्ग में मस्से बन जाते हैं जो मल त्याग के समय गंभीर पीड़ा, कब्ज और रक्तस्राव का कारण बनते हैं।
मुख्य लक्षण (Symptoms)
- मल त्याग के समय बूंद-बूंद करके खून आना।
- मलद्वार के पास सूजन या कड़े मस्सों का निकलना।
- गुदा क्षेत्र में अत्यधिक खुजली, जलन और बेचैनी।
- पेट पूरी तरह साफ न होना और भारीपन महसूस होना।
मुख्य कारण (Causes)
- क्रोनिक कब्ज (Long term Constipation)।
- मल त्याग करते समय बहुत अधिक जोर लगाना।
- भोजन में फाइबर की कमी व फास्ट फूड का सेवन।
- गर्भावस्था या आनुवंशिक कमजोर नसें।
बवासीर की विभिन्न अवस्थाएं (Grades of Piles)
बवासीर के लक्षणों की गंभीरता को चार अवस्थाओं में विभाजित किया जा सकता है:
मस्से अंदर होते हैं, केवल मल त्याग के समय खून गिरता है।
मल त्याग करते समय मस्से बाहर आते हैं और स्वतः अंदर चले जाते हैं।
मस्से बाहर आते हैं और उन्हें हाथ से दबाकर अंदर करना पड़ता है।
मस्से हमेशा बाहर लटके रहते हैं, जिन्हें अंदर करना असंभव होता है।
क्षार सूत्र द्वारा बवासीर का पक्का इलाज
ग्रेड-3 और ग्रेड-4 के गंभीर बवासीर में, क्षार सूत्र (Kshar Sutra) Ligation सबसे प्रभावी उपचार है। इस प्रक्रिया में, डॉक्टर विशेष औषधीय धागे को बवासीर के मस्से के आधार (Base) पर कसकर बांध देते हैं। धागे में मौजूद औषधीय गुण मस्से तक पहुंचने वाले रक्त संचार को रोक देते हैं।
परिणाम (Results):
धागा बांधने के बाद 5 से 7 दिनों के भीतर मस्सा स्वतः सूखकर (Dry out) मल मार्ग से गिर जाता है। इसके साथ ही, धागे के औषधीय गुण घाव को अंदर से हील करते हैं, जिससे टांके लगाने की आवश्यकता नहीं होती और मल मार्ग संकुचित (Narrow) नहीं होता।
इलाज का संक्षिप्त विवरण
सलाह की आवश्यकता है?
देर न करें, हमारे वरिष्ठ चिकित्सक से सीधे व्हाट्सएप या फोन पर परामर्श करें।
