स्वास्थ्य ब्लॉग (Health Blog)
बवासीर में क्या खाएं और क्या न खाएं? (Diet Guide)
बवासीर के उपचार में औषधि से भी अधिक महत्वपूर्ण आहार का परहेज है। चोकर युक्त आटा, पपीता, छाछ, और खीरा का अधिक सेवन करें। लाल मिर्च, फास्ट फूड और कड़क चाय से बचें।
भगंदर (Fistula) होने के कारण और इससे बचने के तरीके
गुदा के आसपास होने वाले किसी भी फोड़े (Abscess) को सुई से फोड़ने या अनदेखा करने की भूल न करें। यह संक्रमण गुदा मार्ग के अंदर पहुंचकर फिस्टुला की नली का निर्माण करता है।
क्यों क्षार सूत्र लेजर सर्जरी की तुलना में श्रेष्ठ है?
लेजर सर्जरी में बवासीर या फिस्टुला के दोबारा होने की संभावना 15% तक होती है। इसके विपरीत, क्षार सूत्र न केवल मस्से को काटता है बल्कि वहां की दूषित ग्रंथियों को जड़ से समाप्त करता है।
क्षार सूत्र के बाद घाव की देखभाल और सावधानियां
सिट्ज बाथ लेने के बाद गुदा मार्ग को साफ और सूखा रखें। डॉक्टर द्वारा दिए गए आयुर्वेदिक मरहम या तेल को नियमित रूप से लगाएं। भारी सामान उठाने व बाइक चलाने से बचें।
