उपचार सेवाएं (Our Treatments)
हमारा संपूर्ण चिकित्सीय दायरा
बवासीर उपचार (Piles Treatment)
ग्रेड-1 से ग्रेड-4 तक के सभी प्रकार के बवासीर के मस्सों का आयुर्वेदिक औषधियों एवं क्षार सूत्र विधि द्वारा सुखाना व हटाना।
- बिना सर्जिकल टांकों के उपचार
- रक्तस्राव (Bleeding) का त्वरित नियंत्रण
- न्यूनतम पुनरावृत्ति दर
फिशर उपचार (Fissure Treatment)
गुदा मार्ग के कट्स और क्रोनिक घावों को भरने के लिए विशेष आयुर्वेदिक सिट्ज बाथ, तेलों के लेप और आहार संतुलन का विधान।
- तीव्र दर्द व जलन से तुरंत राहत
- गुदा की तंग मांसपेशियों का शिथिलीकरण
- बिना चीरे के प्राकृतिक हीलिंग
भगंदर उपचार (Fistula Treatment)
मवाद बहने वाले ट्रैक (Anal track) के अंदर क्षार सूत्र धागा डालकर पूरी नली को धीरे-धीरे स्वस्थ ऊतकों द्वारा भरने की तकनीक।
- 100% मवाद और इन्फेक्शन की सफाई
- गुदा स्फिंक्टर की क्षमता अप्रभावित
- WHO द्वारा प्रमाणित स्थायी इलाज
पाइलोनिडल साइनस (Pilonidal Sinus)
कूल्हों के जोड़ के पास बनने वाले संक्रमित बालों के गुच्छे और साइनस कैविटी का मवाद निकालकर क्षार सूत्र द्वारा हीलिंग।
- कैविटी के अंदरूनी घावों का रोपण
- गहरी चीर-फाड़ व ड्रेसिंग से मुक्ति
- कम से कम समय में रिकवरी
क्षार सूत्र थेरेपी (Kshar Sutra Therapy)
अति-विशिष्ट अपामार्ग क्षार, स्नुही क्षीर और हल्दी के 21 कोटिंग्स युक्त सर्जिकल धागे द्वारा गुद रोगों का लाइगेशन।
- कटिंग और हीलिंग की अनूठी ओपीडी पद्धति
- अस्पताल में रुकने की शून्य आवश्यकता
- किफायती और सुरक्षित प्रक्रिया
क्षार सूत्र बनाम लेजर एवं सर्जरी
| विशेषताएं (Features) | क्षार सूत्र (Kshar Sutra) | पारंपरिक सर्जरी | लेजर थेरेपी |
|---|---|---|---|
| भर्ती होने की आवश्यकता (Hospitalization) | नहीं (ओपीडी प्रक्रिया) | हाँ (2-3 दिन) | नहीं / 1 दिन |
| पुनरावृत्ति दर (Recurrence Rate) | < 0.5% (लगभग शून्य) | 20% - 25% तक | 10% - 15% तक |
| गुदा स्फिंक्टर की क्षति (Sphincter Damage) | शून्य खतरा | गंभीर खतरा (मल असंयम) | न्यूनतम खतरा |
| उपचार लागत (Treatment Cost) | अत्यधिक किफायती | बहुत महंगी | अत्यधिक महंगी |
| कार्य पर लौटना (Resume Work) | 24 से 48 घंटे में | 15 से 20 दिन बाद | 3 से 5 दिन बाद |
क्या आप भी गुद रोगों के दर्द से पीड़ित हैं?
समय पर इलाज न होने से भगंदर या बवासीर की स्थिति जटिल हो सकती है। आज ही हमारे वरिष्ठ क्षार सूत्र सर्जन से परामर्श करें।
